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Wednesday, 29 January 2014

आज का दोहा : सहज का :
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अब  मन   को  धो   डालिये,  धुल  जाए  सँसार.
बन जाये फिर यह जगत, बस खुशियों का सार.
-डा.रघुनाथ मिश्र 'सहज'
कोटा-राजस्थान ( चेन्नई से)

2 comments:

  1. सुन्दर दोहे के लिए मेरी बधाई लें ।

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