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Monday, 21 April 2014

'सहज' के चुनावी   दोहे :

मीठी -  मीठी   गोलियां,   देकर   रहे    रिझाय।
आज  नहीं  तो फिर नहीं, मसला लियो बनाय।

यह  जनता  भोली  बड़ी, लो  इसको फुसलाय।
जम   करके   वादे   करो,  वोट  लेउ  डलवाय।

आश्वासन   की   आँधियाँ,  उड़ा  रहीं   ईमान।
देशभक्त   बन   पनप  रहे, आतंकी- बेईमान।

पहले जमकर सोचि  लै,फिर  कीजै  मतदान।
इधर-उधर की छोड़ि  कै, केवल दिल की मान।

पेशेवर    नेता    ठगे,   बन   कर   भाई - पूत।
नोट  -  वोट  -  व्यापर की,  जड़ें हुईं मजबूत।

वादे  में  घ -जल -सड़क, भोजन-पानी-खेत।
वोटर  ज्यूँ का   त्यूं  रहा , गइ  नेता की चेत।

दिखा  रहे  हैं  देश  को,  इक सर्कस की भाँति।
यूँ कर सकल जगत हँसे, फैलाये शक-भ्रान्ति।

कैसे  भी  मतदान   को,  अवशि  जाइये आप।
फिर   परिवर्तन लाइए, अस हों कार्य-कलाप।
-डा.रघुनाथ मिश्र 'सहज'



Sunday, 2 February 2014













धन्यवाद श्रीवास्तव जी,
आप मित्रों का जुड़ाव- शुभकामनाएं- सद्भावनाएं ही हमारा सम्बल है और यकीनन आप कि शुभ कामना अधिवेशन को सफलता कि मंज़िल तक ले जायेगी-ऐसा मेरा विश्वास है.

Saturday, 1 February 2014

विनम्र अनुरोध/ आमंत्रण

प्रिय रचनाकार साथियो,
जनवादी लेखक संघ का   8  वां राष्ट्रीय अधिवेशन १४-१५ फरवरी २०१४ को इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) में आयोजनीय है. दो दिवसीय अधिवेशन के प्रथम दिन १४ को  'हिंदुत्ववादी फासीवाद और प्रगतिशील -जनवादी कवियों-लेखकों की चिंताएं'  विषय पर संगोष्ठी का आयोजन होगा, देश-विदेश में  जाने-माने प्रखर चिंतक-लेखक-आलोचक -विद्वान् उक्त संगोष्ठी को सम्बोधित करेंगे और रात में अखिल भारतीय कवि सम्मलेन -सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रंगारंग  स्वस्थ मनोरंजन सूचीबद्ध है.अगले दिन देश भर से, लगभग सभी राज्यों से पधारे प्रतिनिधियों का पारम्परिक सम्मलेन/अधिवेशन होगा, जिसमें सांगठनिक सत्र आख़िरी सत्र होगा और इसमें सिर्फ संगठन के पंजीकृत सदस्य ही भाग  ले सकेंगे।  अन्य सत्र सभी प्रतिभागियों के लिए खुले रहेंगे।
यदि सदस्यता लेना चाहेंगे तो वहीं पर सदस्यता फ़ार्म उपलव्ध करा दिया जायेगा।
जैसा कि संगोष्ठी के विषय से स्पष्ट है -सदस्यों के अतिरिक्त उन  तमाम कवियों-लेखकों का इस अधिवेशन में हम स्वागत करेंगे, जो धर्म निरपेक्ष -प्रगतिशील-जनवादी सोच के हैं और उपरोक्त विषयक संगोष्टी और कवि सम्मलेन - सांस्कृतिक  कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी से आयोजन को जीवंत बनाना चाहते हैं.
कोटा सम्भाग के कवि -लेखक  मित्र,  मुझसे मेरे चलितांक 09214313946  ,ई-मेल kshamaraghunath @gmail.com   अथवा मेरे निवास ,  3 -k -30 , तलवंडी ,कोटा -324005  पर सीधा संपर्क  कर सकते हैं. अन्य राज्यों के रचनाकार अपने सम्बंधित राज्य कमेटियों/ जिला कमेटियों के अध्यक्ष /सचिव से संपर्क कर सकते हैं.
मैं फिलहाल कोटा से बाहर, मनपक्कम, चेन्नई में हूँ और ६ फरवरी १४ को सुबह कोटा पहुँच जाउंगा। उपरोक्त जानकारी आप को राष्ट्रीय महासचिव श्री चंचल चौहान से प्राप्त परिपत्र के अनुसार  दे रहा हूँ।
अतः मन बनाइये और अधिकाधिक संख्या में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कीजिये। जो मित्र फेसबुक पर हैं उन्हें यहाँ से जानकारी के लिए अधिकाधिक साथी अपने जानकार साहित्यकारों के वाल पर इसे शेयर करें और स्वयं के वाल पर भी, ताकि जानकारी के अभाव में कोइ भागीदारी से वंचित नहीं रह  जाय. फेसबुक से बाहर के साथियों से संपर्क करके अपने साथ ले जायं -ऐसा मेरा आप से विनम्र अनुरोध भी है और सादर आमंत्रण भी।
-डा.रघुनाथ मिश्र  'सहज'
अध्यक्ष,  कोटा जिला कमेटी , सदस्य, राजस्थान राज्य कमेटी व्  केंद्रीय परिषद्


Wednesday, 29 January 2014

आज का दोहा : सहज का :
               000
अब  मन   को  धो   डालिये,  धुल  जाए  सँसार.
बन जाये फिर यह जगत, बस खुशियों का सार.
-डा.रघुनाथ मिश्र 'सहज'
कोटा-राजस्थान ( चेन्नई से)

Love: इंतज़ार

Love: इंतज़ार: इंतज़ार कि घड़ियाँ गिनते - गिनते , प्रीत कि ओढ़नी ओढे मन दुल्हन सा हो गया है , मिलन कि आस लिए बस दरवाज़े पर टक - टकी लगाये पहरा देते...